CG NEWS: सरपंच चुनाव में हार का बदला लेने रची हत्या की साजिश, मुंगेली में मारने से पहले वीडियो भी बनाया

CG NEWS: सरपंच चुनाव में हार का बदला लेने रची हत्या की साजिश, मुंगेली मेंअपहरण के बाद गला घोंटकर की हत्या मुंगेली में 8-9 वोटों से हारे प्रत्याशी ने रची हत्या की साजिश! अपहरण कर गला घोंटकर मार डाला

मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में तुलसी साहू की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, 2025 में हुए सरपंच चुनाव में हार की रंजिश के चलते हत्या की साजिश रची गई थी। आरोपियों ने पहले तुलसी साहू का अपहरण किया और फिर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को सड़क किनारे कीचड़ और झाड़ियों में फेंककर छिपाने की कोशिश की गई। इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, मृतक तुलसी साहू की उम्र 32 वर्ष थी। वह ग्राम पेण्ड्री स का निवासी था। मामले में थाना सरगांव में अपराध क्रमांक 166/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 और 238 में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। विवेचना के दौरान गुप्त अपहरण और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़ी धाराएं 140(3) और 61(2) भी जोड़ी गईं।


सड़क किनारे कीचड़ और झाड़ियों में मिला था शव
पुलिस को 26 अक्टूबर 2026 को चंदन साहू निवासी नगर पंचायत मारो ने सूचना दी थी कि उनकी साली नीतू साहू के पति तुलसी साहू 25 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे घर से अपनी दीदी के घर सरगांव जाने के लिए निकले थे। वहां से उन्हें अपने जीजा के साथ बेलगहना जाना था, लेकिन वह न तो घर लौटे और न ही दीदी के घर पहुंचे। उनका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा था।

परिजनों ने तलाश की तो तुलसी साहू की मोटरसाइकिल क्रमांक CG 28 P 5824 ग्राम पेण्ड्री स स्थित जय भोलेनाथ राइस मिल के पास मिली। आगे तलाश करने पर गणेश मिनरल्स के पास सड़क किनारे अपशिष्ट पानी से बने कीचड़ में कांटेदार झाड़ियों के बीच उनका शव मिला।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मर्ग कायम किया और शव का पंचनामा व पोस्टमार्टम कराया। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। मृतक के दोनों पैर पीले रंग के बिजली के तार से बंधे हुए थे।

सरपंच चुनाव में हार की रंजिश बनी हत्या की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि ग्राम पेण्ड्री स निवासी धनीराम साहू वर्ष 2025 में हुए सरपंच चुनाव में करीब 8-9 वोटों से हार गया था। चुनाव में झुलुराम वर्मा जीतकर सरपंच बने थे। मृतक तुलसी साहू उनके मतगणना अभिकर्ता के रूप में काम कर रहा था।

पुलिस के मुताबिक, धनीराम साहू को शक था कि मतगणना के दौरान तुलसी साहू ने जानबूझकर कुछ वोट निरस्त करवाए थे, जिसके कारण उसे हार का सामना करना पड़ा। इसी बात को लेकर वह तुलसी साहू से रंजिश रखने लगा था और उसकी हत्या की योजना बनाने लगा।

इस साजिश में उसने अपने साले भुवन साहू को शामिल किया। इसके बाद ओमनारायण राजपूत के माध्यम से कोटा निवासी सुरेंद्र जोशी से संपर्क किया गया। पुलिस के अनुसार, तुलसी साहू के अपहरण के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था। धनीराम ने सुरेंद्र को 70 हजार रुपये एडवांस दिए थे।

कार से अपहरण कर पंप हाउस ले गए आरोपी
पुलिस के अनुसार, 25 अक्टूबर 2026 की शाम सुरेंद्र जोशी अपने साथी कुणाल बक्शी निवासी अमेरी, बिलासपुर और तीन अन्य साथियों के साथ निशान कार से ग्राम पेण्ड्री स पहुंचे।

रात करीब 7 बजे तुलसी साहू जब मोटरसाइकिल से घर से निकले, तो आरोपियों ने उनका पीछा किया। जय भोलेनाथ राइस मिल से करीब 100 मीटर पहले सुनसान सड़क पर उनकी मोटरसाइकिल रुकवाकर उन्हें जबरन कार में बैठा लिया और अपहरण कर लिया।

इसके बाद धनीराम साहू और उसका साला भुवन साहू भी आरोपियों के संपर्क में आए। सभी मनियारी सरगांव के पास मिले। पुलिस के मुताबिक, धनीराम और भुवन मोटरसाइकिल से आगे चले और पीछे कार में सुरेंद्र और उसके साथी तुलसी साहू को लेकर पहुंचे।

गणेश मिनरल्स से पहले पेण्ड्री स की सड़क पर टीकाराम साहू निवासी मोहभट्ठा के ट्यूबवेल के पास तुलसी साहू को उतारा गया। यहां सुरेंद्र और उसके साथियों ने तुलसी और उनका मोबाइल धनीराम को सौंप दिया।

स्टाम्प पेपर पर लिखवाया बयान, फिर गला घोंटकर हत्या
पुलिस के अनुसार, धनीराम साहू और भुवन साहू तुलसी साहू को ट्यूबवेल के पंप हाउस के अंदर ले गए। वहां उन्हें डराया-धमकाया गया और 100 रुपये के स्टाम्प पेपर पर सरपंच चुनाव में कथित धांधली स्वीकार करने संबंधी शपथ पत्र लिखवाया गया। इस दौरान भुवन साहू के मोबाइल से वीडियो भी बनाया गया।

इसके बाद धनीराम और भुवन ने पंप हाउस में रखे बिजली के तार से तुलसी साहू के दोनों पैर बांध दिए और गमछे से गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी।

हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए ओमनारायण राजपूत को फोन कर बुलाया गया। पुलिस के मुताबिक, तीनों ने मिलकर शव को मोटरसाइकिल पर ले जाकर गणेश मिनरल्स से निकलने वाले अपशिष्ट पानी के कीचड़ में सड़क किनारे फेंक दिया और झाड़ियों से ढक दिया।

आरोपियों ने मृतक के जूते, जैकेट और मोबाइल चार्जर को पंप हाउस के पास पोल्ट्री फार्म के शेड में छिपाया। मोबाइल फोन को रॉकिंग ढाबा के पीछे खेत में फेंक दिया गया। धनीराम ने अपना गमछा भी जला दिया था। बाद में मृतक का गमछा भी उसके घर के पास जलाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की गई।

पांच आरोपी गिरफ्तार, कार और अन्य सामान जब्त
पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम हैं:

  1. धनीराम साहू (40 वर्ष), निवासी पेण्ड्री स, थाना सरगांव, जिला मुंगेली।
  2. भुवन साहू (28 वर्ष), निवासी किरना, थाना सरगांव, जिला मुंगेली।
  3. ओम उर्फ ओमनारायण राजपूत (25 वर्ष), निवासी पेण्ड्री स, थाना सरगांव, जिला मुंगेली।
  4. सुरेंद्र जोशी (25 वर्ष), निवासी दर्रीकापा, थाना कोटा, जिला बिलासपुर।
  5. टीकाराम साहू (53 वर्ष), निवासी मोहभट्ठा, थाना सरगांव, जिला मुंगेली।
    पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल बिजली के तार के टुकड़े, मृतक के जूते, जैकेट, मोबाइल चार्जर, मोबाइल फोन, स्टाम्प पेपर, स्टाम्प पर लिखते हुए बनाया गया वीडियो, मोटरसाइकिल और निशान कार जब्त की है। इसके अलावा सुपारी की रकम में से बची 10 हजार रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं।

सभी पांच आरोपियों को 30 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस के अनुसार, मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

पुलिस टीम को नकद पुरस्कार देने की घोषणा
मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम के काम की सराहना करते हुए पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को नकद राशि से पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

इस कार्रवाई में निरीक्षक अशोक यादव, प्र.उपनिरीक्षक नवनीत नावेलकर, उपनिरीक्षक सत्येंद्रपुरी गोस्वामी, उपनिरीक्षक महेश मिश्रा, सउनि निर्मल घोष, धर्मेंद्र शर्मा, प्र.आर. नोखेलाल कुर्रे, यशवंत डाहिरे, नरेश यादव, अशोक कौशिक, रवि जांगड़े, आरक्षक राहुल यादव, भेषज पाण्डेकर, परमेश्वर जांगड़े, राहुलकांत कश्यप, राकेश बंजारे, अतुल ठाकुर, हेमसिंह ठाकुर, रामकिशोर कश्यप, बसंत डाहिरे, रिपीन बनर्जी, अजय रावत, विश्वनाथ सिंह, पंकज निर्णेजक और अनिल मरावी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।