करण राठौर हत्याकांड में 7 आरोपियों को उम्रकैद, एक आरोपी बरी

Karan Rathore Murder Case

मनेंद्रगढ़। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ में करण राठौर हत्याकांड (Karan Rathore Murder Case) के मामले में प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने 7 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने हत्या के मामले में उम्रकैद और बलवा के अपराध में 2-2 साल के सश्रम कारावास के साथ जुर्माना भी लगाया है। वहीं, एक अन्य आरोपी प्रभात सोंधिया उर्फ रवि को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 249 के आरोप से दोषमुक्त कर दिया गया।

न्यायालय ने यह फैसला 28 अक्टूबर 2026 को सुनाया। यह मामला 5 सितंबर 2025 को मनेंद्रगढ़ के बताशा लाइन स्थित हनुमान मंदिर के सामने हुई करण राठौर की हत्या से जुड़ा है।

करण राठौर पर चाकू से किया गया था हमला

प्रकरण के अनुसार, 5 सितंबर 2025 की रात करीब 10 से 10:30 बजे के बीच बताशा लाइन, हनुमान मंदिर के सामने वाली गली में आरोपियों ने कथित तौर पर विधि विरुद्ध जमाव बनाया और घातक हथियारों से हमला किया। इस दौरान करण राठौर पर चाकू से प्राणघातक हमला किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।

पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी करने के बाद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर अदालत ने 7 आरोपियों को दोषी ठहराया।

इन 7 आरोपियों को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा

न्यायालय ने रितिक मिश्रा, सचिन जैन, राशिद खान, अमन केंवट उर्फ बुटई, भावेश पाटिल, रौनिल मिश्रा उर्फ कुक्कू और मो. अकरम उर्फ अक्कू को दोषसिद्ध किया।

इन सभी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 191(3) के तहत 2-2 वर्ष का सश्रम कारावास और 500-500 रुपये का जुर्माना सुनाया गया है। वहीं, धारा 103(1)/191 के तहत आजीवन कारावास और 1,000-1,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

अदालत ने दोनों सजाएं साथ-साथ चलाने का आदेश दिया है। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में आदेश के अनुसार अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।

प्रभात सोंधिया उर्फ रवि को एक आरोप से मिली राहत

मामले में आरोपी प्रभात सोंधिया उर्फ रवि के खिलाफ BNS की धारा 249 के तहत लगाए गए आरोप को अभियोजन पक्ष युक्तियुक्त संदेह से परे साबित नहीं कर पाया। इसके बाद न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए उसे इस आरोप से दोषमुक्त कर दिया।

मृतक के माता-पिता को मिलेगा 10 हजार रुपये

न्यायालय ने दोषसिद्ध आरोपियों पर कुल 10,500 रुपये का जुर्माना लगाया है। आदेश के अनुसार, जुर्माने की राशि जमा होने पर इसमें से 10,000 रुपये मृतक करण राठौर के माता या पिता को प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे। शेष 500 रुपये शासन के पक्ष में जमा किए जाएंगे।

इस फैसले के साथ करण राठौर हत्याकांड में 7 आरोपियों को दोषसिद्ध कर सजा सुनाई गई है, जबकि एक अन्य आरोपी को धारा 249 के आरोप से दोषमुक्त किया गया है।