मानव तस्करी के बड़े रैकेट का खुलासा, महासमुंद पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई

मानव तस्करी के बड़े रैकेट का खुलासा, महासमुंद पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई

महासमुंद: बड़े स्तर पर संचालित किए जा रहे कथित मानव तस्करी के सिंडिकेट के खिलाफ महासमुंद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। पुलिस ने मानव तस्करी, नाबालिगों की तस्करी, बाल मजदूरी और नाबालिग बालिकाओं के दैहिक शोषण से जुड़े आपराधिक मामले में दो राज्यों में फैले संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ रेड की है। पुलिस की यह कार्रवाई संगठित तरीके से संचालित किए जा रहे मानव तस्करी नेटवर्क को लेकर की गई है।

पुलिस के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क में लोगों को प्रलोभन देकर मजदूरी के लिए दूसरे स्थानों पर ले जाने और उनके अवैध परिवहन से जुड़े साक्ष्य सामने आए हैं। कार्रवाई के दौरान बालिग और नाबालिग मजदूरों को अवैध तरीके से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने तथा बंधुआ मजदूरी से जुड़े डिजिटल और कागजी दस्तावेज पुलिस के हाथ लगे हैं।

महासमुंद पुलिस ने इस मामले में दो राज्यों में फैले 10 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी है। पुलिस टीमों द्वारा संबंधित स्थानों पर सर्च और पूछताछ की कार्रवाई जारी है। प्रारंभिक कार्रवाई में बड़ी संख्या में दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जुटाए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, इन साक्ष्यों की जांच के बाद मानव तस्करी के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की भूमिका को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

1.40 करोड़ रुपये और दस्तावेज जब्त

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 1.40 करोड़ रुपये की राशि जब्त की है। इसके अलावा भारी मात्रा में कागजात और अन्य सामग्री भी पुलिस ने अपने कब्जे में ली है। जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क का संचालन किस तरह किया जा रहा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।

प्रारंभिक जांच में पुलिस को हजारों की संख्या में बालिग एवं नाबालिग मजदूरों के कथित अवैध परिवहन और बंधुआ मजदूरी से संबंधित ठोस डिजिटल और कागजी सबूत मिलने की जानकारी सामने आई है। पुलिस इन साक्ष्यों को मामले की जांच में अहम मान रही है।

नाबालिगों की तस्करी के आरोप

मामला केवल मजदूरों के अवैध परिवहन तक सीमित नहीं बताया जा रहा है। पुलिस कार्रवाई मानव तस्करी के साथ-साथ नाबालिगों की तस्करी, बाल मजदूरी और नाबालिग बालिकाओं के दैहिक शोषण से जुड़े आरोपों की जांच के तहत की जा रही है। ऐसे में पुलिस की जांच का दायरा बढ़ गया है।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि मजदूरी के नाम पर लोगों को किस प्रकार प्रलोभन दिया जाता था और उन्हें किन स्थानों पर ले जाया जाता था। इसके अलावा कथित तौर पर बंधुआ मजदूरी में लगाए गए लोगों से संबंधित रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

दो राज्यों में फैला नेटवर्क

महासमुंद पुलिस की कार्रवाई से यह संकेत मिला है कि कथित मानव तस्करी का नेटवर्क एक ही स्थान तक सीमित नहीं था। दो राज्यों में फैले 10 ठिकानों पर एक साथ की गई कार्रवाई के बाद पुलिस अब अलग-अलग स्थानों से मिले दस्तावेजों और डिजिटल सामग्री को आपस में जोड़कर जांच कर रही है।

पुलिस की सर्च कार्रवाई अभी जारी है। अधिकारियों द्वारा मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है और जब्त सामग्री का परीक्षण किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद इस नेटवर्क में शामिल लोगों, पीड़ितों की संख्या, तस्करी के तरीके और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

महासमुंद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पूरी कार्रवाई और जांच के बाद मामले की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। फिलहाल पुलिस की टीमें सभी संबंधित ठिकानों पर सर्च और पूछताछ की कार्रवाई में जुटी हुई हैं।