Nepal Helicopter Crash: नेपाल में आपस में टकराए दो हेलिकॉप्टर, लैंडिंग के दौरान दोनों के उड़े परखच्चे

नेपाल के सोलुखुम्बु में फेरीचे हेलिपैड पर फिस्टेल एयर और एयर डायनेस्टी हेलिकॉप्टरों की टक्कर नेपाल के एवरेस्ट क्षेत्र में फेरीचे हेलिपैड पर लैंडिंग के दौरान दो हेलिकॉप्टर टकरा गए

नेपाल हेलिकॉप्टर हादसा (Nepal helicopter crash): दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट के पास मंगलवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। फेरीचे हेलिपैड पर उतरते समय दो हेलिकॉप्टरों के पंखे आपस में टकरा गए। हादसे में एक विदेशी नागरिक की मौत हो गई, जबकि अन्य लोगों के घायल होने की खबर है। घटना के बाद बचाव अभियान शुरू किया गया।

काठमांडू। नेपाल के प्रसिद्ध एवरेस्ट क्षेत्र में मंगलवार, 3 नवंबर 2026 की सुबह एक दर्दनाक विमानन दुर्घटना सामने आई। सोलुखुम्बु जिले के फेरीचे हेलिपैड पर लैंडिंग के दौरान दो हेलिकॉप्टर आपस में टकरा गए। इस दुर्घटना में एक विदेशी पर्यटक की जान चली गई। नेपाल के नागरिक उड्डयन अधिकारियों और स्थानीय पुलिस ने घटना की पुष्टि की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर फिस्टेल एयर और एयर डायनेस्टी कंपनियों के हैं। दोनों हेलिकॉप्टर फेरीचे हेलिपैड पर उतरने की प्रक्रिया में थे। इसी दौरान उनके रोटर ब्लेड आपस में टकरा गए। टक्कर के बाद हेलिपैड पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

लैंडिंग के दौरान अचानक हुई टक्कर

नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के सूचना अधिकारी ज्ञानेन्द्र भुल के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में दोनों हेलिकॉप्टरों के पंखे आपस में टकराने की बात सामने आई है। दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था, इसकी विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।

सोलुखुम्बु जिला पुलिस कार्यालय के डीएसपी नवीनराज बुढाथोकी ने बताया कि हादसा खुम्बु पासांगल्हामु ग्रामीण नगरपालिका के फेरीचे हेलिपैड पर हुआ। दोनों हेलिकॉप्टर उतर रहे थे, तभी उनके रोटर ब्लेड एक-दूसरे के संपर्क में आ गए।

एवरेस्ट क्षेत्र का महत्वपूर्ण हेलिपैड है फेरीचे

फेरीचे नेपाल के सोलुखुम्बु जिले में स्थित है और माउंट एवरेस्ट क्षेत्र में आने वाले प्रमुख पर्वतीय स्थानों में शामिल है। यहां हर साल बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक, पर्वतारोही और ट्रेकिंग के शौकीन लोग पहुंचते हैं।

ऊंचाई वाले इस हिमालयी इलाके में हेलिकॉप्टर सेवाएं परिवहन और आपातकालीन सहायता के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क संपर्क की सीमाओं के कारण कई बार हेलिकॉप्टरों के माध्यम से यात्रियों को लाया और ले जाया जाता है।

फेरीचे और आसपास के इलाकों में पर्वतारोहण गतिविधियों के दौरान हेलिकॉप्टरों की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में इस दुर्घटना ने पर्वतीय हेलिपैडों पर विमानों की आवाजाही और सुरक्षित लैंडिंग व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

हादसे की परिस्थितियों की जांच जरूरी

इस दुर्घटना में सबसे बड़ा सवाल यह है कि दोनों हेलिकॉप्टर लैंडिंग के दौरान एक-दूसरे के इतने करीब कैसे पहुंच गए कि उनके रोटर ब्लेड टकरा गए।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि घटना के पीछे तकनीकी खराबी, परिचालन संबंधी चूक या किसी अन्य परिस्थिति की भूमिका थी। इन पहलुओं का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।

नेपाल का हिमालयी भूभाग विमानन सेवाओं के लिए चुनौतीपूर्ण माना जाता है। ऊंचे पर्वत, सीमित लैंडिंग क्षेत्र और तेजी से बदलने वाला मौसम यहां उड़ान संचालन को जटिल बनाते हैं। हालांकि इस हादसे का कारण मौसम था या नहीं, इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है।

अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार

दुर्घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों ने जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। हादसे में शामिल दोनों हेलिकॉप्टरों की स्थिति, नुकसान और घटना के वास्तविक कारणों को लेकर आगे की आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।

इस घटना ने एक बार फिर नेपाल के दुर्गम पर्यटन क्षेत्रों में हेलिकॉप्टर परिचालन की सुरक्षा को चर्चा में ला दिया है। फिलहाल दुर्घटना में जान गंवाने वाले विदेशी नागरिक की पहचान और हादसे से जुड़े अन्य विवरणों की पुष्टि का इंतजार है।